संदेश

क्रोध , Krodh se kaise bache

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  क्रोध जनित समस्याओं से निजात क्रोध के समय थोड़ा रूक जाओ  और गलती होने पर थोड़ा झुक जाओ।  बहुत सी समस्याएं अपने आप समाप्त हो जाएगी। "ख़त्म होने जैसा ज़िंदगी में कुछ नहीं होता, हमेशा एक नई सुबह आपका इंतजार करती है--" —जीवन का एक बेहद अनमोल, सकारात्मक और आशावादी संदेश व्यक्त करता है। यह पंक्ति हमें सिखाती है कि जीवन एक सतत बहती हुई नदी की तरह है, जिसमें कोई भी अंत अंतिम नहीं होता, बल्कि हर अंत किसी नए अध्याय की शुरुआत होता है।    अंधेरे के बाद उजाले का अटूट नियम प्रकृति का यह शाश्वत नियम है कि हर गहरी और अँधेरी रात के बाद सूरज का निकलना तय होता है। इसी प्रकार जीवन में जब निराशा, असफलता या दुख के काले बादल छा जाते हैं, तो हमें लगता है कि सब कुछ समाप्त हो गया है। लेकिन वास्तविकता यह है कि वह पड़ाव केवल एक दौर होता है, जीवन का अंत नहीं। जब-जब हम गिरते हैं, तब-तब हमें फिर से उठने और एक नई शुरुआत करने का अवसर मिलता है।    अध्याय समाप्त होता है, किताब नहीं अक्सर लोग किसी असफलता, रिश्ते के टूटने या अवसर खो जाने पर मान लेते हैं कि अब आगे कोई रास्ता नहीं बचा...

Shubh prabhat जीवन का सत्य: भावनाएं, आशाएं और भरोसे का अटूट बंधन

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  जीवन का सत्य: भावनाएं, आशाएं और भरोसे का अटूट बंधन ​हर नई सुबह हमारे जीवन में एक नया अध्याय और नई ऊर्जा लेकर आती है। जब हम सुबह उठते हैं, तो मन में कई विचार और भावनाएं तैरने लगती हैं। आज की इस प्रभात में, आइए जीवन के एक अत्यंत गहरे दर्शन को समझने का प्रयास करते हैं, जो हमें यह सिखाता है कि जीवन वास्तव में क्या है और हम इसे किस प्रकार जीते हैं। ​इमेज में बहुत ही सुंदर और मर्मस्पर्शी बात लिखी गई है: ​ "जीवन किसी से बंधा नहीं है, बंधी होती हैं भावनाएं, आशाएं, उम्मीदें और भरोसा।" ​यह पंक्ति केवल कुछ शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन का एक संपूर्ण सत्य और सार प्रस्तुत करती है। ​1. स्वतंत्र जीवन और भावनाओं का बंधन ​प्रकृति ने जीवन को बिल्कुल स्वतंत्र बनाया है। जीवन एक बहती हुई नदी की तरह है, जो निरंतर आगे बढ़ती रहती है। समय किसी के लिए नहीं रुकता और न ही जीवन का चक्र किसी व्यक्ति विशेष से हमेशा के लिए बंधा रहता है। ​लेकिन, फिर भी हम अक्सर यह महसूस करते हैं कि हम किसी व्यक्ति, परिस्थिति या रिश्ते से बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं। वास्तव में, वह बंधन स्वयं जीवन ...

परिस्थिति का सामना

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Yadee यादें

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डॉ उमेश कुमार सिंह हिन्दी में पी-एच.डी हैं बिमल हिंदी ‌.इन bimal hindi.in और आजकल धनबाद , झारखण्ड में रहकर विभिन्न कक्षाओं के छात्र छात्राओं को मार्गदर्शन करते हैं। You tube channel educational dr Umesh 277, face book, Instagram, khabri app पर भी follow कर मार्गदर्शन ले सकते हैं।

 बिमल हिंदी ‌.इन bimal hindi.in Bimal hindi बिमल हिंदी.इन एक शैक्षिक ब्लॉग है । यहां हिंदी के साथ साथ विभिन्न विषयों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। डॉ उमेश कुमार सिंह, धनबाद झारखंड , भारत के भूली नगर में रहकर विभिन्न कक्षाओं के छात्र छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं। 

Dil दिल की बात , सुन्दर विचार जानें

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  दिल की बात: सुंदर विचार और उनका जीवन में महत्व ​जीवन की यात्रा में हमारे विचार ही हमारे सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। अक्सर हम छोटी-छोटी बातों को दिल से लगा लेते हैं या फिर किसी के कहे गए शब्दों को इतनी गहराई तक मन में बैठा लेते हैं कि उनसे बाहर निकलना कठिन हो जाता है। ​इमेज में दी गई सुंदर पंक्ति इस बात को बहुत ही गहराई से समझाती है: ​ "दिल और दलदल एक जैसे होते हैं, अगर दलदल में गाँव (पाँव) फंस जाए तो बाहर आना मुश्किल है और दिल में बात धंस जाए तो निकलनी मुश्किल है!!" ​दिल और भावनाओं की गहराई ​इंसानी दिल बहुत ही संवेदनशील होता है। जब कोई बात या भावना इसमें जगह बना लेती है, तो वह हमारे सोचने-समझने के तरीके को प्रभावित करने लगती है। ​ सकारात्मक बातें: यदि दिल में प्यार, दया, क्षमा और प्रेरणादायक विचार धंस जाएं, तो जीवन बेहद खूबसूरत और खुशहाल बन जाता है। ​ नकारात्मक बातें: इसके विपरीत, यदि शिकायतें, पुरानी कड़वाहट या दुख दिल में बैठ जाएं, तो वे दलदल की तरह हमें मानसिक रूप से उलझाए रखती हैं। ​इसलिए, यह समझना बहुत जरूरी है कि हम अपने दिल में किन विचारों को प्रवेश ...

स्वयं को जानो

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  स्वयं को जानो: आत्म-खोज की अनंत यात्रा ​इंसान अपनी पूरी जिंदगी बाहर की दुनिया को समझने, दूसरों को परखने और बाहरी सुख-साधनों को हासिल करने में बिता देता है। लेकिन सबसे बड़ी विडंबना यह है कि वह खुद से ही अनजान रह जाता है। ​तस्वीर की ये पंक्तियां इस सत्य को बेहद सुंदर ढंग से दर्शाती हैं: ​ "जंगल-जंगल ढूँढ रहा है, मृग अपनी कस्तूरी... कितना मुश्किल है तय करना, खुद से खुद की दूरी...!" ​जिस प्रकार कस्तूरी मृग अपनी ही नाभि में मौजूद सुगंधित कस्तूरी की तलाश में पूरे जंगल में भटकता रहता है, ठीक उसी तरह मनुष्य भी शांति, आनंद और ईश्वर को बाहर खोजता फिरता है—जबकि वह सब उसके अपने भीतर ही समाया हुआ है। ​ अहंकार का शोर और आंतरिक शून्य ​हमारा जीवन अक्सर 'मैं' और 'मेरा' के इर्द-गिर्द घूमता रहता है। मन में विचारों का बवंडर और अहंकार का शोर छाया रहता है: ​ "भीतर शून्य, बाहर शून्य, शून्य चारों ओर है... मैं ही नहीं हूँ मुझमें, फिर भी 'मैं-मैं' का ही शोर है।" ​वास्तव में, जब तक हम अपनी झूठी पहचान और अहंकार ('मैं') को पकड़े रहते हैं, तब तक ह...

परिवर्तन पर सुविचार

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  परिवर्तन पर सुविचार: जीवन में बदलाव का महत्व और उसकी शक्ति ​"परिवर्तन प्रकृति का नियम है।" यह पंक्ति हम सभी ने कई बार सुनी और पढ़ी होगी। जीवन में हर एक पल कुछ न कुछ बदल रहा होता है। चाहे वह समय हो, मौसम हो, हमारी उम्र हो या हमारी सोच, कुछ भी एक जगह ठहरा हुआ नहीं रहता। लेकिन जब बात हमारे व्यक्तिगत जीवन, आदतों या परिस्थितियों को बदलने की आती है, तो एक गहरा सच सामने आता है: "परिवर्तन कभी आसान नहीं होता लेकिन हमेशा संभव होता है..." ​बदलाव मुश्किल क्यों होता है? ​मनुष्य का स्वभाव स्वभावतः आरामदायक स्थिति (Comfort Zone) में रहने का होता है। जब हम किसी एक ढर्रे या आदत में ढल जाते हैं, तो हमारा मस्तिष्क उसी पुराने रास्ते पर चलना पसंद करता है। किसी भी नए बदलाव को स्वीकार करने के लिए हमें अपनी पुरानी आदतों, सोच और सुरक्षा के भाव को छोड़ना पड़ता है। ​परिवर्तन कठिन इसलिए होता है क्योंकि: ​ अज्ञात का डर: हमें भविष्य का पता नहीं होता कि बदलाव के बाद स्थिति बेहतर होगी या बदतर। इस अनिश्चितता का डर हमें रुकने पर मजबूर करता है। ​ प्रयास और मेहनत: नई आदतें बनाने और पुरा...

Parwah परवाह नहीं करते। सुप्रभात संदेश

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  परवाह: दुनिया की बातों से परे, अपनी परिस्थिति पर ध्यान दें ​जीवन के सफर में हम सब अपनी-अपनी लड़ाइयां खुद लड़ते हैं। हर इंसान का संघर्ष, उसकी परिस्थितियां और उसके अनुभव अलग होते हैं। लेकिन इस यात्रा में सबसे बड़ा रोड़ा तब आता है जब हम यह सोचने लगते हैं कि "लोग क्या कहेंगे?" ​स्वामी विवेकानंद जी का विचार हमें जीवन का एक महान सत्य सिखाता है— "परवाह मत करो कि कोई क्या कहता है, क्योंकि तुम्हारी परिस्थिति सिर्फ तुम्हें पता है, लोगों को नहीं...!" ​लोगों की राय और आपकी वास्तविकता ​जब आप किसी कठिन परिस्थिति से गुजर रहे होते हैं, तब समाज या आसपास के लोग केवल आपका नतीजा (Result) देखते हैं, आपकी प्रक्रिया (Process) नहीं। उन्हें यह नहीं पता होता कि आप किस दौर से गुजर रहे हैं, आपके पास संसाधन कितने हैं या आप कितनी मानसिक और शारीरिक थकान झेल रहे हैं। ​लोग हमेशा अपनी समझ, अपने अनुभव और कभी-कभी अपनी सुविधा के अनुसार राय देते हैं। यदि आप हर व्यक्ति की बात को दिल से लगाने लगेंगे, तो आप अपनी सही दिशा से भटक जाएंगे। ​लोग क्या कहते हैं, इसका महत्व क्यों नहीं होना चाहिए? ​ परि...

Kabhi na kho, कभी न कहो कि दिन बहुत खराब है

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कभी न कहो कि दिन अपने खराब हैं: कांटों के बीच ही खिलता है सफलता का गुलाब ​जीवन एक अनवरत यात्रा है, जहाँ धूप और छाँव का आना-जाना लगा रहता है। कई बार इंसान कठिन दौर से गुजरते हुए निराश हो जाता है और सोचता है कि उसके दिन ही खराब चल रहे हैं। लेकिन सच तो यह है कि यही मुश्किल परिस्थितियां हमें मजबूत बनाती हैं और हमारी असली परीक्षा लेती हैं। ​तस्वीर में दी गई प्रेरक पंक्तियाँ जीवन के इसी सत्य को बहुत सुंदर और प्रभावी ढंग से उजागर करती हैं: ​ "कभी ना कहो कि दिन अपने ख़राब हैं, समझ लो कि हम काँटों से घिर गए गुलाब हैं। रखो हौसला वो मंज़र भी आयेगा, प्यासे के पास चलकर समंदर भी आयेगा..! थक कर ना बैठो, ऐ मंज़िल के मुसाफ़िर; मंज़िल भी मिलेगी और जीने का मज़ा भी आयेगा...!!" ​1. कांटों से घिरे गुलाब बनें, शिकायत न करें जब भी जीवन में असफलता या परेशानियां आएं, तो समय को दोष देने के बजाय अपनी सोच बदलें। जिस प्रकार एक गुलाब का फूल कांटों की सुरक्षा में ही अपनी सुंदरता और खुशबू बिखेरता है, ठीक उसी तरह एक इंसान भी विपरीत परिस्थितियों से टकराकर ही महान बनता है। यदि कांटों का डर हो, तो ...

मन पर सुविचार man par suvichar

        मन पर सुविचार  मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।। मन पर सुविचार: मन की शक्ति और जीवन में इसका महत्व ​जीवन में सफलता और असफलता का सीधा संबंध हमारे मन से होता है। हमारी सोच, हमारे विचार और हमारी मानसिक स्थिति ही यह तय करती है कि हम जीवन में किस दिशा में आगे बढ़ेंगे। जैसा कि एक प्रसिद्ध कहावत है: "मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।" ​यह पंक्ति केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि जीवन का एक गहरा दर्शन है। जब इंसान मन से हार मान लेता है, तो उसके पास कितनी भी शक्ति या संसाधन क्यों न हों, वह सफल नहीं हो सकता। वहीं दूसरी ओर, यदि मन में दृढ़ विश्वास और संकल्प हो, तो विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी विजय प्राप्त की जा सकती है। ​मन की एकाग्रता और सकारात्मक सोच ​हमारा मन एक चंचल नदी की तरह है। यदि इसे सही दिशा न दी जाए, तो यह भटक सकता है और हमारी ऊर्जा को व्यर्थ कर सकता है। लेकिन जब हम मन को नियंत्रित करना सीख जाते हैं, तो यही मन हमारी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। ​सकारात्मक विचार मन को शांति और ऊर्जा प्रदान करते हैं। जब आप सुबह की शुरुआत अच्छे विचारों (सुविच...

सच्चा मंदिर, sachcha mandir

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श्री राम चरित मानस पुस्तक मात्र 80रू में खरीदें   मंदिर वह पवित्र स्थान है जहां भगवान का वास होता है। और भगवान वही है जिसमें अच्छाई ही अच्छाई हो इसीलिए किसी विद्वान ने ठीक ही कहा है कि यदि ' भावना ' अच्छी हो तो मन ही मंदिर बन जाता है। लेकिन भावना अच्छी हो तब। ' सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामया' यह भाव सदा सर्वदा मन में बसना चाहिए।  आहार सही और पवित्र रहे तो तन ही मंदिर है। भाई ! ईश्वर ने कितना सुन्दर शरीर हमें प्रदान किया है, देख लीजिए। लेकिन हमारा आहार कभी कभी जंगली जानवरों से भी बदतर हो जाता है। ऐसा जब होता तो फिर विचार भी वैसा ही हो जाता है। जैसा खाओगे अन्न, वैसा होगा मन। इसे भी पढ़ें  सोच और पानी हमेशा साफ रखिए तबीयत और जिंदगी संवर जाएगी श्री राम चरित मानस पुस्तक मात्र 80रू में खरीदें   विचार, आहार, व्यवहार, भाव सभी अच्छे हो तो जीवन ही मंदिर बन जाता है। जीवन सफल हो जाता है। फिर तो मनुष्य दीनबंधु भगवान बन जाता है। उषा (कविता)  (क्लिक करें और पढ़ें)

जीवन की सच्ची कमाई jeevan ki sachchi kamai

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  मित्रता एक अनमोल रतन है। सच्चा मित्र वही है जिसमें मित्र की भावना हो। जो मित्र के सुख दुख की परवाह करें। जैसे श्री राम और सुग्रीव की मित्रता, जैसे श्री कृष्ण और सुदामा की मित्रता। परवाह करने वाला मित्र मिल जाए तो जीवन सफल हो जाता है। पड़ोसी वही है जो पड़ोसी का दर्द समझे। रिश्तेदार वहीं सच्चा रिश्तेदार हैं जो अपने रिश्तेदारों  को इज्जत करें। और सही में अंत तक प्यार करने वाला परिवार हो तो जीवन सफल हो जाता है। वर्ना जीवन बोझ बन जाता है। परिवार जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। परिवार जीवन की एक अति महत्वपूर्ण कमाई होती है। परिवार में ही बच्चे पलकर बहुत कुछ सीखते हैं। परिवार को इसीलिए प्रथम पाठशाला माना जाता है। यदि परिवार में प्रेम और विश्वास रहे तो जीवन स्वर्ग बन जाता है। कविता क्या है? कविता कैसे बनती है ?

अच्छी बातें सुन्दर जीवन के लिए

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 रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाए। टूटे पर फिर ना जुड़े, जुड़े गांठ परि जाय।। अर्थात प्रेम रूपी धागा जल्दी नहीं तोडना चाहिए, क्योंकि  एक बार प्रेम का धागा टूट गया तो जल्दी जुड़ता नहीं है, और यदि जुड़ भी जाय तो उसमें गांठ पड़ जाता है। दरार तो आ ही जाती है। दोस्तों! बढ़िया काम शुरू करने के लिए आज से बढ़िया दिन दूसरा नहीं आएगा, क्योंकि  जब भी बढ़िया काम शुरू कर दी जाए वही शुभ दिन बन जाता है।   काल करो से आज कर, आज करो से अब।    पल में प्रलय होएगी, बहुरि करोगे कब।। यदि अपना संकल्प दृढ़ हो। अपना चरित्र मजबूत हो तो कुसंगति भी कुछ बिगाड़ नहीं सकता। काजल की कोठरी से भी आप बेदाग बाहर निकल आएंगे। जैसे चन्दन के वृक्ष पर बड़े बड़े विषधर कालसर्प रहते हैं, सुगंध के लिए। लेकिन इससे चंदन की शीतलता कम नहीं होती।   जो रहीम उत्तम प्रकृति का करि सकत कुसंग ‌। चंदन विष व्यापत नहीं, लपटे रहत भुजंग।। धन - दौलत आपके पास है। सब कुछ ठीक - ठाक चल रहा है तब तो बहुत  दोस्त  मिल जाएंगे। लेकिन समय यदि अच्छा नहीं चल रहा हो। परिस्थितियां प्रतिकूल हो, तब जो साथ दे, वही सच्चा...